भोपाल:18 करोड़ का ऐशबाग 90 डिग्री ओवरब्रिज एक साल से बंद
राजधानी भोपाल का बहुचर्चित ऐशबाग 90 डिग्री ओवरब्रिज सरकारी सुस्ती और विभागीय समन्वय की कमी का उदाहरण बन गया है। करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह ओवरब्रिज जून 2025 में बनकर तैयार हो गया था, लेकिन एक साल बीतने के बाद भी आम लोगों के लिए नहीं खोला जा सका। अब इस परियोजना को लेकर रेलवे और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों के दावे एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। जानकारी के अनुसार, पुल के 90 डिग्री मोड़ को सुरक्षित बनाने के लिए इसे 2.5 मीटर चौड़ा किया जाना है, ताकि मोड़ का रेडियस बढ़ाया जा सके और वाहनों की आवाजाही सुरक्षित हो। इसी सुधार कार्य के चलते पुल अब तक बंद है।
रेलवे का दावा-सभी मंजूरियां दे दीं, अब पीडब्ल्यूडी शुरू करे काम
रेलवे के मुख्य परियोजना प्रबंधक अनुपम अवस्थी का कहना है कि रेलवे अपनी ओर से सभी आवश्यक मंजूरियों के साथ डिजाइन पीडब्ल्यूडी को सौंप चुका है। पुल के नीचे बिछी रेलवे सिग्नलिंग के तारों को भी हटाया जा चुका है। उनके अनुसार अब केवल पीडब्ल्यूडी को बैरिकेडिंग कर सुधार कार्य शुरू करना है।
पीडब्ल्यूडी बोला-डिजाइन की तकनीकी जांच जारी
वहीं, पीडब्ल्यूडी के ब्रिज विंग के मुख्य अभियंता गोपाल सिंह का कहना है कि डिजाइन की तकनीकी जांच अभी जारी है। मंजूरी मिलने के बाद ही डिजाइन रेलवे को भेजा जाएगा। जबकि सूत्रों के मुताबिक 7 अप्रैल को दोनों विभागों की बैठक में डिजाइन पर सहमति बन चुकी थी।
प्रशासनिक बदलाव से भी बढ़ी देरी
विभागीय सूत्रों का कहना है कि पीडब्ल्यूडी में हाल ही में हुए प्रशासनिक बदलाव के कारण भी परियोजना की गति धीमी हुई है। नए अधिकारियों के कार्यभार संभालने और विभागीय प्रक्रियाओं को समझने में समय लगने से सुधार कार्य शुरू नहीं हो सका।
शहरवासी कर रहे उद्घाटन का इंतजार
ऐशबाग क्षेत्र में यातायात का दबाव कम करने के उद्देश्य से बनाया गया यह ओवरब्रिज पिछले एक वर्ष से बंद पड़ा है। इसके कारण लोगों को अब भी जाम और लंबा चक्कर लगाने की परेशानी उठानी पड़ रही है। हालांकि, दोनों विभागों के अलग-अलग दावों के बीच यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि सुधार कार्य कब शुरू होगा और पुल आम जनता के लिए कब खोला जाएगा।
फैक्ट फाइल
लागत: लगभग 18 करोड़ रुपये
निर्माण पूर्ण: जून 2025
वर्तमान स्थिति: एक वर्ष से बंद
सुधार कार्य: 90 डिग्री मोड़ को सुरक्षित बनाने के लिए पुल को 2.5 मीटर चौड़ा किया जाना है।
