मुख्यमंत्री यादव शुक्रवार को करेंगे देश की सबसे लंबी और जटिल जल सुरंग का निरीक्षण
मध्यप्रदेश के सिंचाई इतिहास की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल स्लीमनाबाद जल-सुरंग अब पूर्णता के अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को कटनी जिले में देश की सबसे लंबी और तकनीकी रूप से सबसे जटिल जल-सुरंग का निरीक्षण करेंगे। लगभग 12 किलोमीटर लंबी यह सुरंग विंध्य पर्वतमाला के भीतर से नर्मदा के जल को गुरुत्वाकर्षण के आधार पर सोन नदी के कछार तक पहुंचाने वाली देश की अनूठी इंजीनियरिंग उपलब्धि है। इसके पूरा होने के साथ ही जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, रीवा और पन्ना के करीब 1450 गांवों की 2.45 लाख हेक्टेयर भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी, जिससे विंध्य और महाकौशल क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होगा।
मध्यप्रदेश के विकास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ने और विंध्य की सदियों प्यासी धरती को सींचने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वयं भगीरथ बनकर मैदान में उतर आए हैं। कटनी जिले में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित की जा रही देश की सबसे लंबी और सबसे जटिल जल-सुरंग, यानी स्लीमनाबाद टनल, अब अपनी पूर्णता की ओर है। इसका जमीनी जायजा लेने मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को स्लीमनाबाद पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री का यह संवेदनशील और उच्च-स्तरीय दौरा केवल एक प्रशासनिक निरीक्षण भर नहीं है, बल्कि यह विंध्य और महाकौशल के लाखों किसानों के आंगन में समृद्धि, खुशहाली और लहलहाती फसलों के नए युग का शंखनाद है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इसी संकल्प और अटूट इच्छाशक्ति के बल पर सत्रह वर्षों की भू-गर्भीय जंग को जीतकर आज नर्मदा मैया का विंध्य की धरा पर उतरने का स्वप्न साकार होने जा रहा है।
