भोपाल: एलएनसीटी विश्वविद्यालय में “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” जागरूकता कार्यक्रम संम्पन
एलएनसीटी यूनिवर्सिटी में समाज में नशे के उन्मूलन एवं युवाओं में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” नशा उन्मूलन अभियान के अंतर्गत विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा उन्हें नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
अभियान के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर में एक जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली के माध्यम से युवाओं ने नशामुक्त समाज का संदेश दिया और लोगों से नशीले पदार्थों से दूर रहने की अपील की।
रैली के पश्चात विद्यार्थियों को नशामुक्त जीवन जीने एवं समाज को भी नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई गई। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए नशा उन्मूलन विषय पर आधारित शॉर्ट फिल्मों का प्रदर्शन किया गया, जिनके माध्यम से नशे के दुष्प्रभाव, उससे बचाव तथा स्वस्थ जीवन के महत्व की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के अंतर्गत नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), भोपाल जोन के इंस्पेक्टर विवेका नंद ने विशेष व्याख्यान दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थों, उनके शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों, नशीले पदार्थों की तस्करी, साइबर माध्यमों से होने वाले अपराधों तथा नशे से जुड़े कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को नशे से संबंधित सहायता की आवश्यकता हो अथवा नशीले पदार्थों की अवैध गतिविधियों की सूचना देनी हो, तो एनसीबी की 24×7 राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन ‘मानस (MANAS)’ के टोल-फ्री नंबर 1933 पर संपर्क किया जा सकता है। साथ ही यूएमएंग (UMANG) ऐप के माध्यम से भी गोपनीय रूप से शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाने तथा समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो नरेन्द्र कुमार थापक, कुलसचिव डॉ अजीत कुमार सोनी,विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। विद्यार्थियों से आह्वान किया गया कि वे “नशे से दूरी है जरूरी” अभियान के अंतर्गत आयोजित होने वाली सभी जागरूकता गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लें तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज में भी नशामुक्ति का संदेश पहुंचाएं। विद्यार्थियों ने अभियान से जुड़कर प्रत्येक गतिविधि में सक्रिय सहयोग देने तथा नशामुक्त भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का संकल्प भी लिया।
