MP News: प्रदेश में 2.42 करोड़ वाहन, परिवहन विभाग के आधे से ज्यादा पद खाली: 822 अधिकारी-कर्मचारियों के जिम्मे 2.42 करोड़ वाहन
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MP News: प्रदेश में 2.42 करोड़ वाहन, परिवहन विभाग के आधे से ज्यादा पद खाली: 822 अधिकारी-कर्मचारियों के जिम्मे 2.42 करोड़ वाहन

राजनीतिक क्रांति, भोपाल 

 प्रदेश में पंजीकृत वाहनों की संख्या लगातार बढ़कर 2.42 करोड़ से अधिक हो गई है, लेकिन इन वाहनों की जांच, निगरानी और प्रवर्तन की जिम्मेदारी संभालने वाला परिवहन विभाग कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। विभाग में स्वीकृत 1696 पदों में से 874 पद यानी 51.5 प्रतिशत पद खाली हैं। वर्तमान में केवल 822 अधिकारी-कर्मचारी ही कार्यरत हैं। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2011 में प्रदेश में करीब एक करोड़ वाहन पंजीकृत थे। पिछले करीब 15 साल में इनकी संख्या बढ़कर 2.42 करोड़ से अधिक हो गई। यानी वाहनों की संख्या ढाई गुना से ज्यादा बढ़ी, लेकिन इसके अनुपात में परिवहन विभाग के स्वीकृत पदों में बढ़ोतरी नहीं हो सकी। परिवहन विभाग में रिक्तियों की स्थिति कई महत्वपूर्ण पदों पर गंभीर है। क्षेत्रीय और अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के सभी 38 पद रिक्त हैं। क्षेत्रीय उप परिवहन आयुक्त के 10 पदों में एक पद खाली है। सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के 64 स्वीकृत पदों में 23 रिक्त हैं। परिवहन निरीक्षक के 70 पदों में 65 खाली हैं, जबकि मोटरयान परिवहन निरीक्षक के 15 में से छह पद रिक्त हैं। परिवहन उप निरीक्षक के 102 पदों में 49 पद खाली हैं। सहायक परिवहन उप निरीक्षक के सभी 34 पद रिक्त हैं। प्रधान आरक्षक और प्रधान आरक्षक वाहन चालक के 120 पदों में से 94 खाली हैं। आरक्षक के 342 पदों में 34 और आरक्षक चालक के 38 पदों में 30 पद रिक्त हैं।

ऑनलाइन व्यवस्था के साथ जांच जरूरी।

परिवहन विभाग ने सेवाओं को ऑनलाइन करने की दिशा में कई काम किए हैं, लेकिन वाहनों की जांच, दस्तावेजों के सत्यापन और नियमों के पालन के लिए मैदानी अमले की जरूरत बनी हुई है। ऐसे में आधे से ज्यादा पद खाली होने से विभाग के सामने काम का दबाव बढ़ना स्वाभाविक है। विधानसभा में सरकार की ओर से परिवहन विभाग में रिक्तियों का कारण सेवानिवृत्ति और लंबे समय से पदोन्नति नहीं होने को बताया गया था।

दूसरे विभागों से प्रतिनियुक्ति पर निर्भरता।

नियमित अमले की कमी के चलते परिवहन विभाग में दूसरे विभागों से प्रतिनियुक्ति पर अधिकारी-कर्मचारियों को लेने की व्यवस्था भी बनी हुई है। खासकर पुलिस विभाग से कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति पर लेने की व्यवस्था पर निर्भरता बढ़ी है। हालांकि दिसंबर 2025 में पुलिस से परिवहन विभाग में प्रतिनियुक्त तत्कालीन आरक्षक सौरभ शर्मा के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद यह व्यवस्था सवालों के घेरे में आई थी। लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद उसके पास करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्ति का पता चलने की बात सामने आई थी।

काडर रिव्यू के बाद भर्ती की तैयारी।

परिवहन आयुक्त उमेश जोगा के अनुसार विभाग में काडर रिव्यू का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। प्रत्येक संवर्ग में पद बढ़ाने की तैयारी है। पदों में बढ़ोतरी के बाद भर्ती का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।

अभी यह हालात।

* प्रदेश में पंजीकृत वाहन : 2.42 करोड़ से अधिक।
* वर्ष 2011 में वाहन : करीब 1 करोड़।
* परिवहन विभाग के स्वीकृत पद : 1696।
* रिक्त पद : 874।
* कार्यरत अधिकारी-कर्मचारी : 822।
* रिक्तियों का प्रतिशत : 51.5 प्रतिशत।
* आरटीओ और अतिरिक्त आरटीओ के रिक्त पद : 38 में 38।
* परिवहन निरीक्षक के रिक्त पद : 70 में 65।