किसान अपनी फार्मर आईडी जरूर बनवाएं: मुख्यमंत्री यादव ने नई दिल्ली से शिवपुरी के बलराम कृषि महोत्सव में वीसी से की सहभागिता
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किसान अपनी फार्मर आईडी जरूर बनवाएं: मुख्यमंत्री यादव ने नई दिल्ली से शिवपुरी के बलराम कृषि महोत्सव में वीसी से की सहभागिता

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में फार्मर आईडी बनवाने का अभियान 20 अगस्त से शुरू किया गया है। किसानों को अब न कहीं भटकना होगा और न ही लंबी लाइनों में लगना होगा। शासकीय दल खुद किसानों के पास जाकर उनकी फार्मर आईडी बनवाएंगे। मुख्यमंत्री ने सभी किसानों से अपनी फार्मर आईडी जरूर बनवाने की अपील की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को नई दिल्ली से शिवपुरी जिले की कृषि उपज मंडी, पिपरसमा में हुए बलराम कृषि महोत्सव को वर्च्युअली संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से कहा कि अब खाद के लिए किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। पैसे की कमी हमारे किसी भी किसान के आड़े न आए, इसके लिए हमारी सरकार ने शून्य प्रतिशत ब्याज पर अग्रिम खाद उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम किसान के माथे पर चिंता की एक भी लकीर नहीं आने देंगे। शिवपुरी जिले के किसानों की मेहनत से उपजी मूंगफली का डंका पूरे देश में बज रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे सिर्फ पारम्परिक फसलों तक ही सीमित न रहे, बागवानी, डेयरी फार्मिंग, मत्स्य पालन और पशुपालन जैसे आमदनी वाले अन्य क्षेत्रों को भी अपनाएं। उन्होंने कहा कि सरकार हमेशा किसानों के साथ है। हम सब मिलकर शिवपुरी जिले को कृषि का सिरमौर बनाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिव की नगरी शिवपुरी जिले में केन-बेतवा-पार्वती-सिंध-महुआ नदियों से पंचामृत की तरह आपके खेतों को जल मिल रहा है। उन्होंने शहीद तात्या टोपे के बलिदान को भी याद करते हुए कहा कि बलराम जयंती महोत्सव वास्तव में किसानों के स्वाभिमान का एक अद्भुत पर्व है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के लिए सरकार द्वारा कई कल्याणकारी योजना चलाई जा रही हैं, जिससे कृषि क्षेत्र में उनको मुनाफा मिले। उन्होंने कहा कि किसानों को पहले ऋण की राशि 31 मार्च तक जमा करनी होती थी, अब उससे निजात मिलेगी। किसान अब ऋण की राशि 1 वर्ष में कभी भी चुका सकता है। इसके लिए अब 31 मार्च की समय-सीमा समाप्त कर दी गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ई-विकास प्रणाली को और अधिक प्रभावी, सहज, सरल एवं किसान हितैषी बनाया गया है। ई-विकास 2.0 से किसानों को अपनी आवश्यकता के अनुरूप उर्वरक प्राप्त करने में सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि ई-विकास 2.0 में किसान अपनी इच्छानुसार कोई भी एक उर्वरक बिना किसी अनिवार्य संयोजन के खरीद सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब किसान खेती-किसानी के अलावा अन्य माध्यमों से भी मुनाफा कमा रहे हैं। होम-स्टे की अवधारणा भी धीरे-धीरे बढ़ रही है। इससे किसानों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यहां माधव टाइगर रिजर्व भी है। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है। हम किसानों की समृद्धि के लिए लगातार काम कर रहे हैं। अगले साल जो किसान चना या गन्ने की फसल लगाएंगे, उन्हें इन फसलों के लिए पूरे समय दिन में बिजली दी जायेगी। रात की बिजली का संकट खत्म होगा। इससे सिंचाई के लिए किसानों को रातभर जागने की परेशानी अब खत्म हो जाएंगी।