Bhopal News: ईओडब्लू के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड विधानसभा में पेश
मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराधों की जांच करने वाली आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। विधानसभा में सरकार द्वारा पेश आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020 से जून 2026 तक ईओडब्लू को 23,261 आवेदन मिले, लेकिन इनमें से केवल 3,018 शिकायतें दर्ज हुईं और महज बहुत कम मामलों में ही जांच पूरी कर अदालत में चालान पेश किया गया। इससे लंबित जांच और कार्रवाई की धीमी रफ्तार एक बार फिर चर्चा में है।
विधानसभा में कांग्रेस विधायक ग्रेवाल द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से (सामान्य प्रशासन विभाग) द्वारा पेश आंकड़ों से यह खुलासा हुआ है। ईओडब्ल्यू को मिले हजारों आवेदनों में से केवल 3,018 को ही शुरुआती जांच की शिकायत के रूप में स्वीकार किया गया, जबकि 756 आवेदनों को जांच के बाद नस्तीबद्ध (फाइल बंद) कर दिया गया।
सालों पुरानी शिकायतों पर एफआईआर दर्ज करने और कोर्ट में चालान पेश करने में हो रही देरी जांच प्रक्रिया की जमीनी हकीकत को बयां करती है। वर्ष 2020 में प्राप्त शिकायत क्रमांक 64/20 के आधार पर ईओडब्ल्यू ने जांच शुरू की और गड़बड़ी पाए जाने पर अपराध क्रमांक 16/2020 दर्ज किया। मामले में संबंधित ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपए के फर्जी भुगतान का आरोप था।
लंबी विवेचना, साक्ष्यों के संकलन और गवाहों के बयानों के बाद ईओडब्ल्यू ने चालान पत्र क्रमांक 11/25 तैयार किया और 12 अगस्त 2025 को सक्षम न्यायालय में आरोपी अधिकारियों एवं ठेकेदारों के खिलाफ विस्तृत चार्जशीट प्रस्तुत कर दी।
