Bhopal News: आगजनी के बाद भी नहीं जागा नगर निगम: दो माह से बंद पड़े 32 सीसीटीवी कैमरे
Bhopal> आईएसबीटी में बस माफिया का दबदबा और नगर निगम की लापरवाही यात्रियों की सुरक्षा पर भारी पड़ रही है। टर्मिनल में बसों की अनियंत्रित आवाजाही रोकने के लिए लगाई गई बैरियर व्यवस्था पूरी तरह ठप हो चुकी है। प्रवेश द्वारों पर लगे दोनों बैरियर टूटे पड़े हैं और उनकी निगरानी के लिए कर्मचारियों की तैनाती भी बंद कर दी गई है। अब बसों के साथ ऑटो, बाइक और कार सहित अन्य वाहन भी बेरोकटोक परिसर में प्रवेश कर रहे हैं।
हाल ही में वर्मा ट्रेवल्स की आठ बसों में आग लगने की घटना के बाद भी नगर निगम ने सुरक्षा इंतजामों को दुरुस्त करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। पुलिस का मानना है कि बैरियर व्यवस्था चालू रहती तो बसों की आवाजाही नियंत्रित रहती और एक स्थान पर बड़ी संख्या में बसों के खड़े होने की स्थिति नहीं बनती।
रवाना होने वाली बसों को ही मिलता था प्रवेश
आईएसबीटी में पहले बसों के प्रवेश के लिए नियम निर्धारित थे। जिन बसों के रवाना होने का समय एक घंटे के भीतर होता था, उन्हीं को टर्मिनल में प्रवेश दिया जाता था। इसके लिए दोनों प्रवेश द्वारों पर नगर निगम के कर्मचारी तैनात रहते थे। वे बैरियर संचालित करने के साथ बसों की आवाजाही पर निगरानी रखते थे। धीरे-धीरे यह व्यवस्था समाप्त हो गई और अब बसें अपनी मर्जी से परिसर में खड़ी हो रही हैं।
बैरियर पर प्रतिबंध का सिर्फ बोर्ड
टर्मिनल के दोनों प्रवेश मार्गों पर बसों के अलावा अन्य वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित होने के बोर्ड लगे हैं। नियम तोड़ने पर जुर्माने की चेतावनी भी दी गई है, लेकिन बैरियर टूटे होने और कर्मचारियों की तैनाती नहीं होने से ऑटो, बाइक, कार और पार्सल वाहन तक परिसर में पहुंच रहे हैं। इससे यात्रियों के आवागमन में परेशानी के साथ सुरक्षा संबंधी खतरे भी बढ़ रहे हैं।
32 कैमरे बंद, पुलिस के पत्र भी बेअसर
आईएसबीटी की निगरानी के लिए लगाए गए करीब 32 सीसीटीवी कैमरे पिछले दो माह से बंद पड़े हैं। कैमरों के संचालन के लिए लगाए गए 16-16 कैमरों के दोनों डीवीआर सिस्टम उपलब्ध नहीं हैं। इसके चलते पूरे टर्मिनल की गतिविधियां रिकॉर्ड नहीं हो पा रही हैं। गोविंदपुरा पुलिस कई बार नगर निगम को पत्र लिखकर कैमरे चालू कराने की मांग कर चुकी है, लेकिन अब तक व्यवस्था बहाल नहीं हुई। कैमरे बंद होने से जेबकतरों और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखना मुश्किल हो गया है। यात्रियों के सामान और नकदी चोरी होने की घटनाओं में भी फुटेज नहीं मिलने से जांच प्रभावित हो रही है।
जनसहयोग से लगे कैमरे, निगम की व्यवस्था ठप
आईएसबीटी में वर्मा ट्रेवल्स के कार्यालय के पीछे स्थित दूसरी पुलिस चौकी पर जनसहयोग से आठ सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनसे मुख्य सड़क और आसपास के क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। वहीं, नगर निगम के जिम्मे पूरे टर्मिनल की निगरानी के लिए लगाए गए 32 कैमरे बंद पड़े हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
एफएसएल रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी आग की वजह
वर्मा ट्रेवल्स की आठ बसों में लगी आग का कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। घटनास्थल से लिए गए नमूनों की एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार है। गोविंदपुरा थाना प्रभारी अवधेश सिंह तोमर के मुताबिक, रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल किसी भी आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
