MP News: उज्जैन में 7 दिन जमेगा महाकवि कालिदास का रंग: 21 नवंबर से शुरू होने जा रहे अखिल भारतीय कालिदास समारोह में साहित्य-रंगमंच और कला का दिखेगा संगम
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MP News: उज्जैन में 7 दिन जमेगा महाकवि कालिदास का रंग: 21 नवंबर से शुरू होने जा रहे अखिल भारतीय कालिदास समारोह में साहित्य-रंगमंच और कला का दिखेगा संगम

राजनीतिक क्रांति, उज्जैन 

 महाकवि कालिदास की साहित्यिक विरासत और उज्जैन की सांस्कृतिक पहचान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए अखिल भारतीय कालिदास समारोह 21 से 27 नवंबर तक आयोजित होगा। 7 दिन तक चलने वाले समारोह में रंगमंच, साहित्य, कला, शोध और संस्कृति के विविध रंग देखने को मिलेंगे।
शुक्रवार को कालिदास संस्कृत अकादमी में हुई स्थानीय समिति की बैठक में समारोह की रूपरेखा पर मंथन हुआ। इसमें कार्यक्रमों को अधिक आकर्षक बनाने और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
इस दौरान राज्यसभा सांसद उमेशनाथ महाराज ने कहा कि कालिदास समारोह को महाकवि के साहित्य तक सीमित रखने के बजाय मालवा की समृद्ध संस्कृति और प्राचीन विद्याओं से भी जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को संस्कृति, कला और साहित्य से जोड़ने के लिए समारोह के आयोजनों में उनकी सक्रिय भागीदारी की जाए। संभागायुक्त आशीष सिंह ने कहा कि कालिदास समारोह की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इसे नई पीढ़ी के लिए भी आकर्षक बनाना जरूरी है। इसके लिए युवा वर्ग में लोकप्रिय कलाकारों और रचनाकारों को समारोह में आमंत्रित करने का सुझाव दिया। बैठक में आए सुझाव केंद्रीय समिति के समक्ष रखे जाएंगे।
7 दिन…ये होंगे बड़े आयोजन…
नाट्य समारोह— कालिदास संस्कृत अकादमी द्वारा सात दिवसीय नाट्य समारोह होगा। इसमें कालिदास की रचनाओं और भारतीय नाट्य परंपरा से जुड़े नाटकों का मंचन किया जाएगा।
चित्र-मूर्तिकला प्रदर्शनी— राष्ट्रीय कालिदास चित्र एवं मूर्तिकला प्रदर्शनी के साथ प्रतियोगिता होगी। देशभर के कलाकारों की कलाकृतियां समारोह का प्रमुख आकर्षण रहेंगी।
अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी— कालिदास के साहित्य, भारतीय संस्कृति और प्राचीन ज्ञान पर देश-विदेश के विद्वान विचार रखेंगे।
सारस्वत आयोजन— परिचर्चा, राष्ट्रीय संगोष्ठी, पं. सूर्यनारायण व्यास स्मृति व्याख्यान, महाकवि कालिदास व्याख्यान और संस्कृत कवि समवाय होंगे।
विश्वविद्यालयीन कार्यक्रम भी-
सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय द्वारा विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर पर शैक्षणिक और साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
शुभारंभ-समापन के अतिथियों पर भी मंथन…
बैठक में समारोह के शुभारंभ और समापन के मुख्य अतिथि एवं सारस्वत अतिथि के नामों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई। कालिदास संस्कृत अकादमी और सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के आयोजनों को लेकर सदस्यों ने सुझाव दिए। बैठक में साहित्यकार, कलाकार, शिक्षाविद्, रंगकर्मी, संगीतज्ञ, मीडिया प्रतिनिधि और नागरिक भी शामिल हुए।