Bhopal News: तंबाकू फैक्ट्री पर जीएसटी इंटेलिजेंस की दबिश: ’गुरु’ नाम से बन रहा था तंबाकू गुटखा, संचालक गिरफ्तार
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Bhopal News: तंबाकू फैक्ट्री पर जीएसटी इंटेलिजेंस की दबिश: ’गुरु’ नाम से बन रहा था तंबाकू गुटखा, संचालक गिरफ्तार

राजनीतिक क्रांति, भोपाल 

नवीबाग के न्यू चौकसे नगर में लंबे समय से चल रही तंबाकू और गुटखा फैक्ट्री पर सेंट्रल जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम ने कार्रवाई की है। विभागीय जांच में 30 करोड़ रुपए से अधिक की कर चोरी का खुलासा होने का दावा किया गया है। कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री में अवैध तरीके से छिपाकर लगाई गई मशीनें और तंबाकू उत्पादन से जुड़े दस्तावेज सामने आने की बात कही जा रही है। मामले में फैक्ट्री संचालक सुरेश सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। जानकारी के अनुसार न्यू चौकसे नगर, नवीबाग में एक परिसर में तंबाकू का उत्पादन किया जा रहा था। यहां ’गुरुÓ नाम से तंबाकू तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है। जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम ने कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री में लगे उत्पादन उपकरणों और कारोबार से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। जांच में सामने आया कि फैक्ट्री में तंबाकू उत्पादन के लिए मशीनें इस तरह लगाई गई थीं कि गतिविधियों की आसानी से जानकारी बाहर न जा सके। विभाग अब मशीनों की क्षमता, उत्पादन, बिक्री और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटा रहा है। इसी आधार पर चोरी की राशि का आकलन किया जा रहा है।

60 करोड़ से ज्यादा की कर चोरी की आशंका

जीएसटी इंटेलिजेंस की कार्रवाई में अब तक 30 करोड़ रुपए से अधिक की कर चोरी सामने आने की जानकारी दी गई है। हालांकि अंतिम कर देनदारी जांच और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद स्पष्ट होगी। विभाग फैक्ट्री से जुड़े कारोबार, बिक्री और टैक्स रिकॉर्ड की पड़ताल कर रहा है। कार्रवाई के बाद फैक्ट्री संचालक बताए जा रहे सुरेश सिंह को गिरफ्तार किया गया है। उसे न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी है। जीएसटी विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि फैक्ट्री में कितने समय से उत्पादन चल रहा था, कितना माल तैयार और बेचा गया तथा कारोबार में किन लोगों की भूमिका रही। मध्यप्रदेश में जीएसटी विभाग पहले भी कर चोरी रोकने के लिए तलाशी और जब्ती की कार्रवाई करता रहा है। विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग ने 437 करदाताओं के खिलाफ निरीक्षण, तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की थी, जिनमें सुपारी-गुटखा क्षेत्र से जुड़े 127 मामले शामिल थे।