71 करोड़ की ठगी में अमृत ग्रुप की 2.75 करोड़ की संपत्ति अटैच: इंदौर, जयपुर और कोलकाता में छापे के बाद ईडी की कार्रवाई; 1 करोड़ नकद और विदेशी मुद्रा जब्त
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71 करोड़ की ठगी में अमृत ग्रुप की 2.75 करोड़ की संपत्ति अटैच: इंदौर, जयपुर और कोलकाता में छापे के बाद ईडी की कार्रवाई; 1 करोड़ नकद और विदेशी मुद्रा जब्त

भोपाल। देशभर के निवेशकों से करोड़ों रुपए जुटाकर कथित धोखाधड़ी करने वाले अमृत ग्रुप के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने समूह से जुड़ी 2.75 करोड़ रुपए से अधिक की चल संपत्तियां अटैच की हैं। तीन दिन पहले ईडी ने इंदौर, जयपुर और कोलकाता में समूह से जुड़े 20 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान करीब 1 करोड़ रुपए नकद, 4800 अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा, बैंक खातों और निवेश से जुड़े दस्तावेज मिले। नकदी और विदेशी मुद्रा जब्त कर ली गई, जबकि बैंक खातों में जमा रकम फ्रीज कराई गई है।

जांच के दौरान ईडी को इंदौर सहित अन्य शहरों में होटल, स्कूल, जमीन और रिहायशी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। एजेंसी के मुताबिक इन संपत्तियों से जुड़े 20 करोड़ रुपए से अधिक के साक्ष्य बरामद हुए हैं। छापे में डिजिटल दस्तावेज और कथित हवाला लेन-देन से संबंधित रिकॉर्ड भी मिले हैं। इनसे अपराध से अर्जित रकम को अलग-अलग माध्यमों से घुमाकर छिपाने की जांच आगे बढ़ी है।

131.86 करोड़ जुटाए, 71 करोड़ का कथित फर्जीवाड़ा

ईडी की कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कोलकाता टीम ने की। मामला सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस की पिछले वर्ष 1 अगस्त को दर्ज शिकायत से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि अमृत प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, अमृत बायो-एनर्जी एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड सहित समूह की कंपनियों ने एफडी, आरडी और मासिक आय योजनाओं में ज्यादा रिटर्न का भरोसा देकर आम लोगों से करीब 131.86 करोड़ रुपए जुटाए।

ईडी के अनुसार शुरुआत में निवेशकों को भुगतान कर विश्वास कायम किया गया, लेकिन बाद में रकम को कथित शेल कंपनियों के जरिए दूसरी जगह भेजा गया। जांच एजेंसी का आरोप है कि करीब 71 करोड़ रुपए की राशि शेल कंपनियों के माध्यम से हड़पी गई। इस रकम से इंदौर, जयपुर और दिल्ली में होटल, स्कूल, जमीन और अन्य संपत्तियां खरीदी गईं। एजेंसी इन संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व और धन के स्रोत की भी जांच कर रही है।