MP News: 9 साल के प्रेम विवाह के बाद बदली कहानी, पति के दोस्त के साथ रहने की इच्छा लेकर थाने पहुंची पत्नी; पति ने बेटे को अपने पास रखने की बात कही
छतरपुर, ब्यूरो। छतरपुर जिले के ईसानगर थाना क्षेत्र में 9 साल पुराने प्रेम विवाह के बाद पति-पत्नी के रिश्ते में नया मोड़ सामने आया है। पहाड़गांव निवासी शिवानी दुबे ने वर्ष 2016 में परिवार के विरोध के बावजूद प्रदुम सिंह परिहार से प्रेम विवाह किया था। दोनों का करीब 8-9 वर्षीय पुत्र भी है। अब शिवानी ने ईसानगर थाने में आवेदन देकर पति से अलग होकर सुमित अग्रवाल के साथ रहने और उससे विवाह करने की इच्छा जताई है।
प्रदुम सिंह के अनुसार, सुमित अग्रवाल उनका करीबी दोस्त है और उसका उनके घर आना-जाना था। प्रदुम का कहना है कि सुमित उनकी पत्नी शिवानी को बहन मानता था और राखी भी बंधवाता था। बाद में दोनों के बीच नजदीकियों की जानकारी मिलने के बाद मामला थाने तक पहुंचा।
पत्नी ने आवेदन में क्या कहा
17 सितंबर 2026 को शिवानी परिहार ने ईसानगर थाने में दिए आवेदन में अपनी इच्छा से पति प्रदुम सिंह से अलग होकर सुमित अग्रवाल के साथ रहने की बात कही। आवेदन में उन्होंने सुमित से विवाह करने की इच्छा भी जताई है। शिवानी ने किसी प्रकार के दबाव, धमकी या जबरदस्ती से इनकार करते हुए अपने निर्णय को स्वेच्छा से लिया गया बताया है।
आवेदन में शिवानी ने पति, बच्चे और पति की चल-अचल संपत्ति से भविष्य में कोई संबंध अथवा अधिकार नहीं रखने की बात भी लिखी है।
पति ने बेटे को अपने पास रखने की बात कही
वहीं प्रदुम सिंह परिहार ने भी थाने में आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि शिवानी से उनका करीब 9 वर्ष पहले प्रेम विवाह हुआ था और दोनों का एक पुत्र है। प्रदुम के आवेदन के मुताबिक, 17 सितंबर को शिवानी और सुमित को थाने लाया गया। उन्होंने आवेदन में सुमित के परिजनों की मौजूदगी में शिवानी के सुमित के साथ रहने की बात का उल्लेख किया है।
प्रदुम ने अपने करीब 8 वर्षीय बेटे को अपने पास रखने की इच्छा जताई है। साथ ही उन्होंने भविष्य में शिवानी और सुमित से अपने पुत्र तथा संपत्ति को लेकर किसी विवाद की स्थिति नहीं बनने की बात आवेदन में दर्ज कराई है।
परिवार की सुरक्षा को लेकर भी आवेदन
प्रदुम सिंह ने अपने आवेदन में भविष्य में अपने परिवार को किसी प्रकार के नुकसान की आशंका भी जताई है और किसी अप्रिय घटना की स्थिति में संबंधित लोगों को जिम्मेदार ठहराए जाने की बात कही है। यह उनके आवेदन में किया गया दावा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच या सक्षम प्राधिकारी की प्रक्रिया से ही हो सकेगी।
फिलहाल मामला दोनों पक्षों की ओर से ईसानगर थाने में दिए गए आवेदनों के आधार पर सामने आया है। वयस्क व्यक्तियों की व्यक्तिगत पसंद के साथ-साथ बच्चे की अभिरक्षा और संपत्ति से जुड़े अधिकारों का निर्धारण संबंधित कानून और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के अनुसार होगा। पुलिस की ओर से मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है, यह स्पष्ट होना बाकी है।
