भोपाल:दम तोड़ती स्मार्ट सिटी की साइकिल योजना:करोड़ों की साइकिलें धूल और जंग खा रहीं!
राजधानी भोपाल में स्मार्ट सिटी के तहत शुरू की गई पब्लिक साइकिल शेयरिंग योजना अब बदहाली का शिकार होती दिखाई दे रही है। शहर के कई स्थानों पर स्थापित साइकिल स्टैंड सुनसान पड़े हैं, जबकि करोड़ों रुपये की लागत से खरीदी गई साइकिलें धूल और जंग खाती नजर आ रही हैं।
रखरखाव के अभाव में अधिकांश साइकिलें उपयोग के लायक नहीं बची हैं। कई स्टेशनों पर साइकिलें लंबे समय से एक ही स्थान पर खड़ी हैं, जिससे स्पष्ट है कि योजना का लाभ आम नागरिकों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
पर्यावरण संरक्षण, ट्रैफिक कम करने और लोगों को सस्ती व सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई यह योजना अब शोपीस बनकर रह गई है। नागरिकों का कहना है कि करोड़ों रुपये की सार्वजनिक धनराशि खर्च होने के बावजूद योजना की निगरानी और रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या स्मार्ट सिटी का यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट अपनी उपयोगिता खो चुका है?
