MP NEWS: प्रदेश में 45 नए नर्सिंग कॉलेज खुलने की तैयारी, 30 हजार सीटें बढ़ेंगी
मध्य प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा विस्तार होने जा रहा है। राज्य में वर्ष 2026-27 के शैक्षणिक सत्र के लिए 45 नए निजी नर्सिंग कॉलेज खोलने की तैयारी शुरू हो गई है। इन कॉलेजों के लिए मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल को आवेदन प्राप्त हुए हैं। यदि सभी संस्थानों को मान्यता मिल जाती है तो प्रदेश में नर्सिंग की डिग्री और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में करीब 30 हजार सीटें उपलब्ध होंगी। यह प्रक्रिया ऐसे समय में शुरू हुई है, जब प्रदेश के निजी नर्सिंग कॉलेजों में सामने आए बड़े फर्जीवाड़ों को लेकर मामला हाई कोर्ट में विचाराधीन है। लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन की याचिका पर चल रही सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट के निर्देश पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भी कई नर्सिंग कॉलेजों की जांच की थी।
इस बार कड़ी होगी जांच
मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल के अधिकारियों का कहना है कि इस बार केवल उन्हीं संस्थानों को मान्यता दी जाएगी, जो इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) के सभी निर्धारित मापदंडों पर पूरी तरह खरे उतरेंगे। हाई कोर्ट की निगरानी और पूर्व में सामने आए फर्जीवाड़ों को देखते हुए निरीक्षण प्रक्रिया को पहले से अधिक सख्त बनाया गया है।
370 आवेदन पहुंचे
शैक्षणिक सत्र 2025-26 में प्रदेश के शासकीय और निजी मिलाकर 327 नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता मिली थी। वहीं, इस वर्ष पुराने कॉलेजों के नवीनीकरण और नए संस्थानों सहित 370 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 45 आवेदन नए कॉलेजों के लिए हैं।
निरीक्षण में हो रही देरी
इंडियन नर्सिंग काउंसिल के निर्धारित कैलेंडर के अनुसार एक जुलाई से निरीक्षण शुरू होना था और 15 जुलाई तक मान्यता प्रक्रिया पूरी कर ली जानी थी। हालांकि कई जिलों में अभी तक निरीक्षण भी शुरू नहीं हो पाया है। इस कारण मान्यता प्रक्रिया निर्धारित समय से पीछे चल रही है।
30 सितंबर तक पूरे होंगे प्रवेश
आईएनसी के तय कार्यक्रम के अनुसार 30 सितंबर तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जानी है। इस वर्ष जीएनएम (डिप्लोमा) पाठ्यक्रम में प्रवेश 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर होगा, जबकि बीएससी नर्सिंग में प्रवेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा के माध्यम से किए जाएंगे। कॉलेजों को मान्यता मिलने के बाद काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होगी। नर्सिंग शिक्षा से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सभी नए कॉलेज निर्धारित मानकों के अनुरूप स्थापित होते हैं तो प्रदेश में प्रशिक्षित नर्सिंग पेशेवरों की संख्या बढ़ेगी और स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी। वहीं, फर्जीवाड़े की पुनरावृत्ति रोकने के लिए इस बार निरीक्षण और मान्यता प्रक्रिया पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
