MP News: एक ही चेहरे से एक्टिवेट कर दिए 101 सिम कार्ड; दूसरों के आधार पर अपना फोटो लगाकर करता था जालसाजी
इंदौर. राज्य साइबर सेल, जोन इंदौर ने फर्जी तरीके से 101 सिम कार्ड एक्टिवेट कर उनका दुरुपयोग करने के आरोप में एक व्यक्ति को मांगलिया क्षेत्र से गिरफ्तार किया है. आरोपी टेलीकॉम कंपनी में पीओएस एजेंट के रूप में काम करता था. वह सिम लेने आने वाले ग्राहकों के आधार और केवाईसी दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उनकी लाइव फोटो की जगह अपनी फोटो अपलोड कर देता था.
पुलिस के अनुसार दूरसंचार विभाग से मिले निर्देशों के बाद ऐसे मामलों की जांच की जा रही थी, जिसमें एक ही व्यक्ति के चेहरे से जुड़े 101 सिम कार्ड जारी होने की जानकारी सामने आई. जांच के बाद अपराध क्रमांक 131/2026 में धारा 419, 420, 471 भादवि तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66सी और 66डी के तहत मामला दर्ज किया गया. तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया.
ऐसे करता था फर्जीवाड़ा
आरोपी करीब 10 वर्षों से सिम बेचने और एक्टिवेट करने का काम कर रहा था. उसने इंदौर शहर की करीब 5-6 मोबाइल सिम संबंधी दुकानों के नाम का दुरुपयोग कर खुद को कंपनी का पीओएस एजेंट पंजीकृत कर लिया. सिम एक्टिवेशन के दौरान ग्राहक के दस्तावेज और आधार नंबर लेकर ऑनलाइन आवेदन किया जाता है. इसमें ग्राहक और पीओएस एजेंट की लाइव फोटो अपलोड करनी होती है. आरोपी ग्राहक की जगह अपनी फोटो और पीओएस एजेंट की जगह अपनी महिला मित्र व रिश्तेदार महिलाओं की फोटो अपलोड करता था. इस तरह कुल 101 सिम फर्जी तरीके से एक्टिवेट किए गए.
गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजकुमार यादववंशी, पिता सुमेर सिंह, निवासी जिला होशंगाबाद, हाल मुकाम सिंगापुर ग्रीन प्रीमियम, इंदौर के रूप में हुई है. उसके द्वारा पहले जारी किए गए अन्य सिम कार्डों की भी जांच की जा रही है. कार्रवाई में निरीक्षक आनंद वसुनिया, उपनिरीक्षक अंबराम बारुड़, आरक्षक शुभम त्रिपाठी और नितिन की भूमिका रही.
साइबर सेल की लोगों को सलाह
साइबर सेल ने लोगों से ई-केवाईसी के दौरान सावधानी बरतने को कहा है. फिंगरप्रिंट बार-बार लेने पर सतर्क रहें और सफल सत्यापन का संदेश खुद देखें. अपनी आईडी पर जारी मोबाइल नंबरों की जानकारी संचार साथी पोर्टल पर जांचें और किसी दूसरे व्यक्ति को अपनी आईडी पर सिम जारी न करवाएं.
