Bhopal News: बेटे को काबू में करने का झांसा देकर की करोड़ों की ठगी: क्राइम ब्रांच ने दर्ज किया केस
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Bhopal News: बेटे को काबू में करने का झांसा देकर की करोड़ों की ठगी: क्राइम ब्रांच ने दर्ज किया केस

भोपाल. तंत्र-मंत्र और गृहशांति कराने का झांसा देकर एक महिला से करीब एक करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. आरोप है कि आशा यादव और उसके भाई मुकेश यादव ने परिवार को एकजुट करने और गृहशांति कराने के नाम पर महिला को अपने जाल में फंसाया. इसके बाद उससे नकदी, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए रकम और सोने-चांदी के जेवर ले लिए. क्राइम ब्रांच ने शिकायत की जांच के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और षड्यंत्र की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है.

क्राइम ब्रांच के अनुसार, साकेत नगर निवासी पुरुषोत्तम शर्मा (57) ने 14 अक्टूबर को शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी राजेश्वरी शर्मा (55) की पहचान मोहल्ले की एक परिचित के माध्यम से आशा यादव से हुई थी. आशा ने बताया था कि उसका भाई मुकेश तंत्र-मंत्र करता है और गृहशांति कराता है. उस समय उनका बेटा परिवार से अलग रह रहा था. परिवार को फिर से एकजुट करने की उम्मीद में राजेश्वरी का आशा के घर आना-जाना शुरू हो गया.

फोन-पे से 7.16 लाख, 12.54 लाख नकद दिए

शिकायत के मुताबिक, 25 मई 2025 से आशा ने गृहशांति और तंत्र-मंत्र के नाम पर रुपए लेना शुरू किया. महिला ने अलग-अलग समय में आशा के खाते में फोन-पे के माध्यम से करीब 7.16 लाख रुपए ट्रांसफर किए. इसके अलावा घर में रखी नकदी में से करीब 12.54 लाख रुपए भी दिए. आरोप है कि आशा और उसके भाई ने करीब 625 ग्राम सोने और 500 ग्राम चांदी के जेवर भी ले लिए. इस तरह करीब एक करोड़ रुपए की धोखाधड़ी किए जाने की शिकायत की गई है.

ज्वेलर्स के फोन से खुला मामला

मामले का खुलासा 29 सितंबर को हुआ, जब बिट्टन मार्केट स्थित जेपी ज्वेलर्स के संचालक राम पंजवानी ने पुरुषोत्तम शर्मा को फोन किया. उन्होंने बताया कि करीब पांच महीने पहले आशा यादव ने दुकान से 17 लाख रुपए का सोना खरीदा था. इसके लिए पांच लाख रुपए नकद दिए गए थे और शेष रकम के बदले चेक दिया गया था, लेकिन भुगतान नहीं किया गया. इसके बाद पुरुषोत्तम ने पत्नी से पूछताछ की तो तंत्र-मंत्र के नाम पर रकम और जेवर दिए जाने की जानकारी सामने आई.

10 करोड़ के चेक और छह एटीएम कार्ड मिले

क्राइम ब्रांच ने शिकायत की जांच के दौरान पुरुषोत्तम, उनकी पत्नी और बेटों के बयान दर्ज किए. जांच के दौरान राजेश्वरी शर्मा ने करीब आठ चेक, जिनकी कुल राशि लगभग 10 करोड़ रुपए बताई गई है, एक खाली चेक और छह अलग-अलग एटीएम कार्ड पुलिस को सौंपे. पुलिस ने इन्हें जब्त कर लिया है. प्रारंभिक जांच में आशा यादव और उसके भाई मुकेश यादव की भूमिका सामने आने पर दोनों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई है.