MP NEWS: मसालों से मेवों तक के बढ़े दाम, टीवी-फ्रिज खरीदना भी महंगा: खाद्य पदार्थों के साथ इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की कीमतों में 10 से 25 प्रतिशत तक का उछाल
1 min read

MP NEWS: मसालों से मेवों तक के बढ़े दाम, टीवी-फ्रिज खरीदना भी महंगा: खाद्य पदार्थों के साथ इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की कीमतों में 10 से 25 प्रतिशत तक का उछाल

राजनीतिक क्रांति, भोपाल 
 त्योहारी सीजन में बढ़ी महंगाई लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है. खरीदारी करने बाजार पहुंच रहे लोगों को रसोई से लेकर घर की सजावट और उपहारों तक के लिए पहले के मुकाबले ज्यादा कीमतें चुकानी पड़ रही है. घरों में इस्तेमाल होने वाली रोजमर्रा की चीजें जैसे हल्दी, जीरा, चीनी और अन्य खाद्य पदार्थों के साथ ड्राइफ्रूटस की बढ़ी हुई कीमतें बजट बिगाड़ रही हैं. धनतेरस पर खरीदे जाने वाले स्टील, पीतल, तांबे और अन्य धातुओं के बर्तनों के दाम भी 30 प्रतिशत तक बढ़ चुके हैं. फ्रिज, टीवी, वाशिंग मशीन जैसे इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद भी पिछले साल की तुलना में 10 प्रतिशत तक महंगे हो गए हैं. त्योहारी सीजन में बढ़ी मांग और स्टॉक कम होने की सूचनाओं के बीच चीनी के दाम बीते तीन दिन में आठ रुपये प्रति किलोग्राम तक फिर बढ़ गए हैं. 70 रुपये से बीते 20 दिन में घटकर 50 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुकी चीनी के दाम अब फिर से बढ़कर 58 रुपये तक पहुंच गए हैं. इसके अलावा कमजोर मानसून की वजह से घटे उत्पादन के कारण जीरा, धनिया और हल्दी के दाम 15 दिन में 15 फीसदी तक बढ़ चुके हैं. किराना के थोक कारोबारी राकेश अग्रवाल ने बताया कि इनके अलावा मेथी दाना के थोक दाम 10 प्रतिशत, छोले और काले चने के दाम में 15 प्रतिशत और चावल के दाम में दो माह में 25 प्रतिशत उछाल आया हैै.
उपहारों की लागत बढ़ी
काजू, बादाम, पिस्ता, अखरोट और किशमिश जैसे उत्पादों की कीमतों में तेजी आने से उपहारों का बजट भी बढ़ गया है. सप्ताहिक बाजारों के थोक कारोबारी रफीक खान का कहना है कि ड्राइफ्रूटस की घरेलू उपलब्धता अफगानिस्तान, ईरान व अमेरिका से आयात पर निर्भर करती है. अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति, फसल की स्थिति, डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल, आयात और ढुलाई लागत का असर खुदरा कीमतों पर पड़ रहा है.
बढोतरी की मुख्य वजह
1. प्याज की कीमतों में उछाल, खाद्य तेल की मंहगाई और चावल के दाम में बढ़ोत्तरी का असर खाद्य पदार्थों की कीमतों में पड़ रहा है.
2. आने वाले दिनों में महंगाई बढऩे की आशंका के चलते किसानों और बड़े व्यापारियों के स्टॉक रोक लेने के कारण भी महंगाई बढ़ी है.  
3. इरान-अमेरिका युद्ध के कारण कच्चे माल की आवक प्रभावित होने और बढ़ते ऊर्जा संकट से इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद महंगे हुए हैं.
4. ड्राइफ्रूटस के लिए अफगानिस्तान, ईरान व अमेरिका पर हमारी निर्भरता है, रुपया कमजोर होने, आयात कम होने से कीमतें बढ़ीं.

कंपनियों ने बढ़ा दिए दाम
त्योहारी ऑफर के बावजूद इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की खरीदारी इस बार महंगी पड़ेगी. एमपी नगर में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का शोरूम चलाने वाले आयुष गुप्ता का कहना है कि त्योहारी सीजन से पहले कंपनियों ने 8 से 10 प्रतिशत तक फ्रिज, टीवी समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के दाम बढ़ा दिए हैं.

थाली का खर्च भी बढ़ा
महंगाई का असर थाली पर भी दिख रहा है. क्रिसिल इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर में शाकाहारी थाली की लागत बीते साल के तुलना में 10 प्रतिशत बढ़ी है. मांसाहारी थाली की लागत में 6 प्रतिशत का इजाफा हुआ है.

धनतेरस पर बर्तन खरीदना भी महंगा
धनतेरस पर बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है, लेकिन इस बार इसके लिए अधिक खर्च करना पड़ेगा. बर्तनों के थोक बाजार बैरागढ़ के व्यापारियों का का कहना है कि तांबा, एल्युमीनियम की कीमतों में 25 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो चुकी है. स्टेलनेस स्टील के दाम 15 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं.

प्रमुख खाद्य पदार्थों की कीमतें (सितंबर बनाम अक्टूबर)
-बादाम 900 से बढ़कर 1200 प्रति किलो
-काजू 1000 से बढ़कर 1100 प्रति किलो
-पिस्ता 1200 से बढ़कर 1800 से 1900 प्रति किलो
-अखरोट गिरी 1350 से बढ़कर 1500 प्रति किलो
-जीर 250 से बढ़कर 300 से 350 प्रति किलो
-धनिया 230 से बढ़कर 280 प्रति किलो
– हल्दी 190 से बढ़कर 250 प्रति किलो
-चीनी 52 से बढ़कर 58 प्रति किलो
-चावल 40-100 से बढ़कर 60-120 प्रति किलो
-अरहर दाल 130 से बढ़कर 150 प्रति किलो