Bhopal News: फर्जी पासपोर्ट मामले में 29 आरोपी, 20-20 हजार का इनाम
भोपाल. बांग्लादेशियों के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनाने के मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की जांच लगातार आगे बढ़ रही है. भोपाल, डबरा, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा से जुड़े इस मामले में एसटीएफ को 10 नए आरोपियों की जानकारी मिली है. इसके साथ ही फरार आरोपियों की संख्या बढक़र 29 हो गई है. एसटीएफ ने सभी फरार आरोपियों की सूचना देने या उन्हें पकड़वाने में मदद करने वालों को 20-20 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है. इस मामले में एसटीएफ ने पहले 19 फरार आरोपियों पर इनाम घोषित किया था. मामले में मास्टरमाइंड रियाल चौधरी की पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर एसटीएफ ने नए संदिग्धों की पहचान की है. इन आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी गई, लेकिन वे फरार हो गए. एसटीएफ के मुताबिक जांच के दायरे में कुल 70 पासपोर्ट हैं. इनमें से दो पासपोर्ट सही पाए गए हैं. इन दोनों आवेदकों के दस्तावेजों का सत्यापन सही मिला. उन्होंने अपने घर के बजाय बौद्ध मठ का पता इसलिए दिया था, ताकि पासपोर्ट सत्यापन के लिए आने वाले कर्मचारियों को परेशानी न हो. पूछताछ में सामने आया कि दोनों पासपोर्ट धारक मठ के आसपास ही रह रहे हैं. अब शेष 68 पासपोर्ट की जांच जारी है. जांच में यह भी सामने आया कि पांच ऐसे लोग हैं, जिन्होंने इन पासपोर्ट के जरिए विदेश यात्रा की और इसके बाद वापस नहीं लौटे. अन्य आरोपी देश में ही छिपे हुए हैं.
पासपोर्ट अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध
एसटीएफ ने जांच के दौरान विदेश मंत्रालय और पासपोर्ट सेल से भी जानकारी मांगी है. जांच एजेंसी को भोपाल पासपोर्ट कार्यालय में पदस्थ रहे एक अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध मिली है. संबंधित अधिकारी का भोपाल से तबादला हो चुका है. विदेश जाने वाले संदिग्धों की स्थिति स्पष्ट करने के लिए विदेश मंत्रालय और पासपोर्ट सेल से जानकारी मिलने का इंतजार किया जा रहा है. मामले की पड़ताल के लिए एसटीएफ की करीब एक दर्जन टीमें अलग-अलग राज्यों में भी भेजी गई हैं. कई पासपोर्ट में मध्यप्रदेश का स्थानीय पता दर्ज है, जबकि जन्म प्रमाण-पत्र और अन्य दस्तावेज दूसरे राज्यों से जारी हुए हैं. ऐसे दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है.
इनका कहना…
पहले 19 फरार आरोपियों पर 20-20 हजार रुपए का इनाम घोषित था. अब फरार 29 आरोपियों पर इनाम घोषित किया गया है. 70 में से दो पासपोर्ट जांच में सही पाए गए हैं. एसटीएफ की टीमें अन्य राज्यों में भी छानबीन कर रही हैं.
राजेश सिंह भदौरिया, एआईजी, एसटीएफ
