राखी का बंधन: रानी लक्ष्मीबाई के बुलावे पर अंग्रेजों से भिड़े थे बांदा के नवाब
लखनऊ।1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से रक्षाबंधन और भाई-बहन के रिश्ते की एक ऐतिहासिक कहानी भी जुड़ी है। अंग्रेजों ने जब झांसी के किले को घेर लिया और रानी लक्ष्मीबाई को सैन्य मदद की जरूरत पड़ी, तब उन्होंने बांदा के नवाब अली बहादुर द्वितीय को राखी भेजकर मदद मांगी थी।
रानी लक्ष्मीबाई और नवाब अली बहादुर द्वितीय के बीच मुंहबोले भाई-बहन का रिश्ता बताया जाता है। रानी के बुलावे पर नवाब अली बहादुर द्वितीय अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध में उतर गए और अपने सैनिकों के साथ उनका साथ दिया।
अली बहादुर द्वितीय 1849 में बांदा की गद्दी पर बैठे थे। उन्हें बाजीराव पेशवा और मस्तानी का पुत्र तथा रानी लक्ष्मीबाई का मुंहबोला भाई बताया जाता है। 1857 की क्रांति में दोनों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष किया। बुंदेलखंड में यह भाई-बहन का रिश्ता आज भी रक्षाबंधन के मौके पर याद किया जाता है।
