August 13, 2026
Bhopal News: स्वतंत्रता दिवस पर लाल परेड मैदान के आसपास बदला रहेगा यातायात
भोपाल… 15 अगस्त को लाल परेड मैदान में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान यातायात व्यवस्था में बदलाव रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे। कार्यक्रम में आने वाले आमंत्रित अतिथियों, नागरिकों और स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार और पार्किंग स्थल तय किए गए हैं।नागरिकों के लिए गेट नंबर-3 विजय […]
Bhopal News: अवैध कॉलोनी पर नगर निगम की कार्रवाई, 2.3 एकड़ में बनी सड़क-गेट तोड़े
मध्य प्रदेश की राजधानी भाेपाल में अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ नगर निगम ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। निगम की भवन अनुज्ञा शाखा ने जोन-16 क्षेत्र में दो स्थानों पर अवैध निर्माण और कॉलोनी विकास के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जेसीबी से निर्माण ढहा दिए। कार्रवाई के दौरान किसी तरह के विवाद […]
संसद का मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित; दोनों सदनों से पारित हुए 12 विधेयक
नई दिली. संसद का मानसून सत्र, 2026, जो सोमवार, 20 जुलाई, 2026 से शुरू हुआ था, गुरुवार, 13 अगस्त, 2026 को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है । सत्र के दौरान 25 दिनों की अवधि में कुल 19 बैठकें हुईं। सत्र के दौरान, लोक सभा में 11 विधेयक और राज्य सभा में 02 विधेयक पुर:स्थापित किए गए। लोक सभा द्वारा 12 विधेयक और राज्य सभा द्वारा 12 विधेयक पारित किए गए। सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों द्वारा कुल 12 विधेयक पारित किए गए।राष्ट्रपति द्वारा मानसून सत्र से पहले प्रख्यापित किए गए दो अध्यादेशों अर्थात् सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीश संख्या) संशोधन अध्यादेश, 2026 और आय-कर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 को प्रतिस्थापित एवं इनके उपबंधों को समाविष्ट करने वाले दो विधेयकों पर दोनों सदनों में विचार और पारित किया गया। वर्ष 2022-23 के लिए अतिरिक्त अनुदान मांगों पर विचार किया गया और उनसे संबंधित विनियोग विधेयक को लोक सभा में 04.08.2026 को पुर:स्थापित, विचार और पारित किया गया तथा 06.08.2026 को राज्य सभा ने उसे लौटा दिया। विदेशी अभिदाय (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को जांच और रिपोर्ट हेतु सदनों की संयुक्त समिति को भेजा गया। लोक परीक्षाओं से जुड़ी विद्यार्थियों की चिंताओं को तुरंत दूर करने के लिए, लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 को लोक परीक्षा प्रणाली की ईमानदारी और विश्वसनीयता को मज़बूत करने की एक बड़ी पहल के रूप में पुर:स्थापित किया गया ताकि 2024 के मूल अधिनियम को संशोधित किया जा सके। इस विधेयक का उद्देश्य अधिनियम के तहत अपराधों की त्वरित जांच और समय पर ट्रायल पक्का करना; राज्य सरकारों और संघ राज्य क्षेत्र प्रशासनों को स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने और स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त करने का अधिकार देना; दो महीने के अंदर जांच और तीन महीने के अंदर ट्रायल पूरा करना अनिवार्य करना; केंद्र सरकार को, जहाँ भी ज़रूरी हो, जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स गठित करने में मदद करना; अपराधों के लिए सज़ा में बढ़ोतरी करना; और उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच के समक्ष एक समयबद्ध अपीली तंत्र का उपबंध करना है। यह विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित हो गया है और माननीय राष्ट्रपति ने इसे मंज़ूरी दे दी है।
