MP News: इंदौर क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई: पाँच करोड़ के मल्टी-स्टेट साइबर फ्रॉड का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार;4 मोबाइल, 8 सिम और 11 एटीएम कार्ड जब्त
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MP News: इंदौर क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई: पाँच करोड़ के मल्टी-स्टेट साइबर फ्रॉड का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार;4 मोबाइल, 8 सिम और 11 एटीएम कार्ड जब्त

इंदौर। क्राइम ब्रांच ने संगठित अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी यूको बैंक के म्यूल खाते और सिम कार्ड का इस्तेमाल कर देश के अलग-अलग राज्यों में साइबर फ्रॉड को अंजाम दे रहे थे। जांच में संबंधित खाते से करीब ₹5 करोड़ की साइबर ठगी से जुड़ी दर्जनों शिकायतें सामने आई हैं।

राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय, गृह मंत्रालय के I4C, NCRP और साइबर क्राइम पोर्टल से मिले संदिग्ध म्यूल बैंक खातों के डेटा के आधार पर ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत कार्रवाई की गई। यूको बैंक की महू शाखा से जुड़े एक खाते की जांच में तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, गुजरात, उत्तराखंड, दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, झारखंड, गोवा, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों में साइबर अपराध से जुड़े लेन-देन सामने आए।

जांच में सामने आया कि आरोपी दीपक राव ने अपना बैंक खाता म्यूल अकाउंट के रूप में तथा अपने नाम की सिम, जिस पर बैंक के ओटीपी प्राप्त होते थे, आरोपी गौरव राठौर को उपलब्ध कराई थी। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने मिलकर संगठित तरीके से मल्टी-स्टेट साइबर फ्रॉड को अंजाम दिया।

क्राइम ब्रांच ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 4 मोबाइल फोन, 8 एक्टिव सिम कार्ड, 10 बैंक पासबुक और 11 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार यूको बैंक के मुख्य म्यूल खाते में ₹5 करोड़ से अधिक का संदिग्ध लेन-देन पाया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक राव निवासी महू और गौरव राठौर निवासी लसूडिया, इंदौर के रूप में हुई है। दीपक 12वीं तक शिक्षित है और अंडे का ठेला लगाता है, जबकि गौरव बी.कॉम स्नातक है और निजी नौकरी करता है।

मामले में अपराध क्रमांक 0137/2026 के तहत बीएनएस की धारा 318(4), 3(5) में प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर साइबर फ्रॉड सिंडिकेट से जुड़े अन्य संदिग्धों और अंतरराज्यीय नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।