MP News: सीबीआई ने बीएसएनएल के दो इंजीनियर पकड़े: सीबीआई ने बीएसएनएल के दो इंजीनियर पकड़े
भोपाल। बीएसएनएल में बकाया भुगतान जारी कराने के नाम पर कथित रिश्वत मांगना दो वरिष्ठ इंजीनियरों को भारी पड़ गया। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की भोपाल यूनिट ने गुरुवार को साकेत नगर स्थित बीएसएनएल कार्यालय में कार्रवाई करते हुए चीफ इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) एके शुक्ला और सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) विस्वा बंधु चक्रपाणी को 75-75 हजार रुपए लेते गिरफ्तार किया। दोनों के पास से कुल 1.50 लाख रुपए की रिश्वत राशि बरामद की गई।
मामला जबलपुर की एक फर्म से जुड़ा है। फर्म ने बीएसएनएल के लिए ऑपरेशन एवं व्यापक रखरखाव तथा इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन से संबंधित काम किया था। ठेके में 14 तरह के विद्युत कार्य शामिल थे। काम पूरा होने के बाद फर्म का भुगतान लंबित था। आरोप है कि भुगतान जारी करने के लिए दोनों अधिकारियों ने फर्म से अलग-अलग 2-2 लाख रुपए की रिश्वत मांगी।
फर्म की ओर से इस संबंध में सीबीआई की भोपाल इकाई को शिकायत दी गई। शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद एजेंसी ने आरोपों की पुष्टि के लिए जाल बिछाया। तय योजना के तहत फर्म के प्रतिनिधि को रिश्वत की रकम लेकर बीएसएनएल के साकेत नगर स्थित इलेक्ट्रिकल डिवीजन कार्यालय भेजा गया।
रकम लेते ही दबोचे गए
गुरुवार को प्रतिनिधि ने चीफ इंजीनियर के कार्यालय में दोनों अधिकारियों को 75-75 हजार रुपए दिए। जैसे ही लेनदेन पूरा हुआ, पहले से निगरानी कर रही सीबीआई टीम ने दोनों को पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान टीम के अधिकारी आम ग्राहक के रूप में कार्यालय परिसर में पहुंचे थे, ताकि पूरे ऑपरेशन को गोपनीय रखा जा सके।
बताया गया कि कार्यालय में टेलीफोन एक्सचेंज भी संचालित होता है। इसी वजह से सीबीआई अधिकारियों की मौजूदगी पर तत्काल किसी को संदेह नहीं हुआ। दोनों अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों को कार्रवाई की जानकारी मिली।
तीन शहरों में तलाशी
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने आरोपियों से जुड़े भोपाल, लखनऊ और कानपुर के ठिकानों पर भी तलाशी अभियान चलाया। जांच एजेंसी ने तलाशी के दौरान संपत्ति और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। अब अधिकारियों के बैंक खातों, संपत्ति, वित्तीय लेनदेन और फर्म के भुगतान से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
सीबीआई यह भी पता लगा रही है कि कथित रिश्वतखोरी के इस मामले में दोनों अधिकारियों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। साथ ही उनके खिलाफ पहले से किसी तरह की शिकायत या संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
